तुला

तुला

महीने के प्रारंभ में आपके धन स्थान में शनि, चतुर्थ स्थान में केतु, कर्म स्थान में राहु व शुक्र, भाग्य स्थान में मंगल, बुध व सूर्य की युति है, जबकि व्यय स्थान में गुरु है। बुध इस समय वक्री चल रहा है। दूरवर्ती स्थान पर होने वाले किसी भी प्रकार के कम्युनिकेशन में शब्दों का खूब सोच-समझकर प्रयोग करें, अन्यथा आपकी बात का गलत मतलब निकाला जा सकता है। महीने के प्रारंभ में माता के साथ संबंधों में कड़वाहट उत्पन्न होगी। अचल तथा वाहन से संबंधित कार्यों में विलंब अथवा काम अटक जाने से चिंता होगी। द्वितीय सप्ताह में नौकरी पेशा लोगों को काम का भार बढ़ सकता है। जो लोग प्रेम संबंधों में आगे बढ़ने के इच्छुक हैं अथवा योग्य जीवनसाथी की तलाश में है उन्हें सार्वजनिक संपर्कों में से कोई योग्य व्यक्ति मिल सकता है। ग्यारहवें स्थान में भ्रमण करता हुआ सूर्य, मंगल और बुध कामकाज में वृद्धि कराएगा, जबकि गुरु शारीरिक तंदुरस्ती उत्तम प्रदान करेगा। महीने के आखिरी पखवाड़े में सूर्य राशि परिवर्तन करके आपकी राशि से बारहवें स्थान में आएगा। गुरु राशि परिवर्तन करके आप के लग्न स्थान में आएगा। गुरु का भ्रमण आगामी एक वर्ष तक शुभ रहेगा। शुक्र अब ग्यारहवें स्थान में आ जाएगा। पुराने मित्रों के कारण व्यापार में लाभ हो सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों, राजनेताओं, प्रतिष्ठित लोगों, परिवार में बुजुर्गों आदि के साथ व्यवहार में आपको संयम रखना पड़ेगा। आपका मन धर्म ध्यान तरफ बढ़ेगा अथवा आध्यात्मिक गतिविधियों में आप शामिल होंगे।