कुंभ

कुंभ

महीने के प्रारंभ में आपके छठे में स्थान में शुक्र के साथ राहु की युति, सप्तम स्थान में मंगल, बुध और सूर्य, अष्टम स्थान में गुरु और दसवें स्थान में शनि है। नौकरी पेशा लोग विशेष रूप से सृजनात्मक विषयों में अपनी उत्तम परफॉरमेंस देकर अच्छी प्रगति कर सकेंगे। हालांकि, आपको शत्रुओं से सावधानी रहना होगा। व्यवसायिक लोग अपने कार्य धीमी, परंतु स्थिर गति से आगे बढ़ा सकेंगे। दांपत्य संबंधों में थोड़ी नीरसता महसूस होगी। इसके साथ-साथ आपके बीच अहं और गुस्से के कारण तनाव की संभावना भी दिखाई दे रही है। महीने के पूर्वार्ध में आपको वाणी और व्यवहार में संयम रखना होगा। आपके भोग-विलास में कमी आएगी अथवा अंतरंग जीवन में नीरसता आने की संभावना है। महीने के उत्तरार्ध में जहां सूर्य राशि बदलकर अष्टम स्थान में जाएगा, वहीं शुक्र सप्तम स्थान में आएगा। ग्रहों के इस हलचल से दांपत्य संबंधों में थोड़ा सुधार आएगा। जीवनसाथी और बुजुर्गों का स्वास्थ्य आपको चिंता में रखेंगा। वर्तमान समय धार्मिक प्रवास के लिए सर्वथा योग्य है। गुरू के राशि बदलकर तुला में आने से आपको भाग्य का साथ मिलता रहेगा। बुद्धि तीव्र होगी तथा वकालत से जुड़े व्यक्तियों में तर्क-वितर्क करने की अद्भुत शक्ति आएगी। भाई-बंधुओं के साथ सामंजस्यपूर्ण संबंध बनेंगे। संतान का पढ़ाई में मन लगेगा। आप ज्ञान-पिपासु बनने लगेंगे।